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ट्रम्प ने आखिरकार बाइडेन की जीत की पुष्टि की

नवंबर 2020 के चुनाव के बाद पहली बार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को प्रसिडेंट-इलेक्ट जो बाइडेन के खिलाफ हार स्वीकार कर ली। उन्होंने कांग्रेस द्वारा डेमोक्रेट के इलेक्टोरल कॉलेज की जीत के बाद कहा कि 20 जनवरी को सत्ता का हस्तांतरण होगा। उन्होंने कहा, “भले ही मैं चुनाव के परिणाम से पूरी तरह असहमत हूं और यह तथ्य मुझे सहन नहीं होते, बावजूद इसके 20 जनवरी को सत्ता का हस्तांतरण होगा।”

ट्रंप ने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे कि केवल कानूनी वोटों की गिनती की जाए।”

ट्रम्प ने एक बयान में कहा, “जबकि यह राष्ट्रपति के इतिहास में सबसे महानतम कार्यकाल का अंत है, लेकिन यह मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के लिए हमारी लड़ाई की शुरूआत है।”

जो व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सहयोगी डॉन स्क्विनो ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के बयान को पोस्ट किया, क्योंकि फेसबुक और ट्विटर ने राष्ट्रपति को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया है।

गुरुवार सुबह करीब 4 बजे कांग्रेस के संयुक्त सत्र से पहले उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने घोषणा की कि ट्रम्प का बयान आया है कि बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने ट्रम्प और उनके 232 वोट के मुकाबले 306 वोटों से जीत दर्ज की।

बुधवार की रात, सांसदों ने औपचारिक रूप से प्रत्येक राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों को श्रेणीबद्ध किया, जोकि बाइडेन के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने से पहले एक अंतिम चरण है।

ट्रम्प के हजारों समर्थकों ने अमेरिकी लोकतंत्र के गढ़ के रूप में माने जाने वाले कैपिटोल में तोड़ फोड़ की, जिसकी वजह से 3 नवंबर, 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल के वोटों की गिनती की कार्यवाही को रोकने पर मजबूर होना पड़ा।

सांसदों को सदन और सीनेट से बाहर निकालना पड़ा और कैपिटोल में तोड़फोड़ की गई।

दंगाइयों में से एक जो सीनेट के चैंबर में घुस गया था, वह ट्रम्प के समर्थन में चिल्लाते हुए पीठासीन अधिकारी के लिए आरक्षित की गई कुर्सी पर बैठ गया।

हिंसा के परिणामस्वरूप कम से कम चार लोग और 14 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं। साथ ही 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अमेरिकी लोकतंत्र हिंसक कार्रवाई बन गयी

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